कुछ बिखरे मोती
Monday, 9 March 2020
सांसें
"गरम साँसों में लपेट कर,
कुछ रातें रखीं हैं,
सर्द, तनहा लमहों के लिए."
Thursday, 5 March 2020
दिल की बात (2)
Another version
"महफ़िल में तुम को जो गले लगाया,
तुम तो इसको मोहब्बत ही समझ बैठे.
"
दिल की बात
"महफ़िल में जब उन्होंने,
हमको गले से लगाया,
धीरे से बोले,
जानती हो आज भी,
हम तुमसे बेपनाह मोहब्बत करते हैं.
"
चाँद
"तुम शुक्ल पक्ष का चाँद बन
मेरी अमावस वाली रातों में रोशनी भर दो.
"
जादूगरी
"लफ़्ज़ों की जादूगरी तो देखिए जनाब
कभी दर्द बन जाते हैं, तो कभी दवा.
"
हाल
" दिल का हाल
लफ़्ज़ों में लिख कर,
तुम तक भेजा है,
ज़रा प्यार से पढ़ना.
"
रोज़
" तुम तो आते नहीं,
पर तुम्हारी यादें रोज़ आती हैं.
"
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रोज़
" तुम तो आते नहीं, पर तुम्हारी यादें रोज़ आती हैं. "
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Another version "महफ़िल में तुम को जो गले लगाया, तुम तो इसको मोहब्बत ही समझ बैठे. ...