Saturday, 14 September 2019

बहुत दिनों से कुछ लिख कर रखा है उन सफ़ेद पन्नों पर जो वक़्त के साथ पुराने हो चले हैं पर उन पर लिखी एक -एक बात आज ही भी वैसी की वैसी है। उन पन्नों पर ज़िंदगी की कुछ स्याह -सफ़ेद बातें, कुछ मुलाक़ातें हैं, हज़ारों यादें, भूली - बिसरी कहानियाँ, कुछ तकरार और मनुहार, बहुत सी शिकायतें, कुछ अनकही और आपकी- हमारी दिल की बातें हैं। 
शायद आपको पसंद आए, यदि पसंद आए तो अपने कामेंट्स ज़रूर लिखाएगा, पढ़ कर अच्छा लगेगा।
धन्यवाद

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सांसें

                     "गरम साँसों में लपेट कर,                            कुछ रातें रखीं हैं,                 ...