कुछ बिखरे मोती
Wednesday, 4 March 2020
जिद्द
" बरसों बाद आज जब तुम्हें महफ़िल में देखा,
ये दिल फिर से तुम्हें पाने की जिद्द कर बैठा.
"
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सांसें
"गरम साँसों में लपेट कर, कुछ रातें रखीं हैं, ...
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रोज़
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