कुछ बिखरे मोती
Monday, 2 March 2020
दिल
"बरसों बाद उनसे नज़रें क्या मिली,
कमबख़्त दिल फिर से सोलह का हो गया ."
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सांसें
"गरम साँसों में लपेट कर, कुछ रातें रखीं हैं, ...
सांसें
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दिल की बात (2)
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