कुछ बिखरे मोती
Saturday, 14 September 2019
आग़ोश
"तुमने आग़ोश में क्या भर लिया
दुनिया की सारी रंगीनियाँ फीकी पड़ गयीं."
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
सांसें
"गरम साँसों में लपेट कर, कुछ रातें रखीं हैं, ...
सांसें
"गरम साँसों में लपेट कर, कुछ रातें रखीं हैं, ...
दिल की बात (2)
Another version "महफ़िल में तुम को जो गले लगाया, तुम तो इसको मोहब्बत ही समझ बैठे. ...
डर
" तुम्हारे इश्क़ को साँसों में बसा रखा है मौत से भला कौन कमबख़्त डरता है." ...
No comments:
Post a Comment